इश्क़ हमने जब किया,
जितना किया, केवल खुदा से,
क्योंकि वो आसान है जमीनी इश्क़ से।
खुदा से इश्क़ में सुकून मिलता है,
जमीनी इश्क़ में,
नींद आती नहीं, बेचैनियां बढ़ जाती हैं।
दिल बेसाख्ता बेकरारी में,
धड़कता है,
फिर उसके टूटने का खतरा भी बढ़ जाता है।
और अगर टूट गया,
तो उसको जोड़ने के लिए,
फिर नया इश्क़ करो ।